उत्तराखंड: बैरागीवाला हिंसा पर बड़ा एक्शन, विनोद कश्यप हत्याकांड के बाद आगजनी, पथराव और बवाल में 150 अज्ञात लोगों पर मुकदमा

Aadesh Live Admin
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देहरादून। सहसपुर थाना क्षेत्र के बैरागीवाला गांव में विनोद कश्यप हत्याकांड के बाद भड़की हिंसा और आगजनी के मामले में पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए करीब 150 अज्ञात लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया है। पुलिस का कहना है कि हत्या की घटना के बाद गांव में कानून-व्यवस्था बिगाड़ने, सरकारी कार्य में बाधा डालने, पुलिस पर पथराव करने, आगजनी करने और सार्वजनिक संपत्ति को नुकसान पहुंचाने वाले लोगों की पहचान की जा रही है। वीडियोग्राफी और अन्य साक्ष्यों के आधार पर आरोपियों को चिन्हित कर उनकी गिरफ्तारी के प्रयास तेज कर दिए गए हैं।

मामूली विवाद से शुरू हुआ मामला, हत्या के बाद बढ़ा तनाव

जानकारी के अनुसार, 13 जून की शाम बैरागीवाला गांव में एक मामूली विवाद ने अचानक गंभीर रूप ले लिया। विवाद के दौरान विनोद कश्यप नामक युवक की हत्या कर दी गई। घटना की खबर फैलते ही गांव और आसपास के क्षेत्रों में आक्रोश का माहौल बन गया। शनिवार रात से ही क्षेत्र में तनाव बढ़ने लगा था, जिसे देखते हुए पुलिस और प्रशासन ने हालात पर नजर रखनी शुरू कर दी थी।

हालांकि, रविवार को स्थिति और अधिक बिगड़ गई। बड़ी संख्या में लोग गांव में एकत्र होने लगे और देखते ही देखते विरोध प्रदर्शन हिंसक रूप धारण कर गया। स्थानीय लोगों के साथ-साथ विभिन्न संगठनों के कार्यकर्ता भी मौके पर पहुंच गए, जिससे भीड़ लगातार बढ़ती चली गई।

आरोपियों के घरों में घुसकर की तोड़फोड़ और आगजनी

प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, उग्र भीड़ ने हत्या के आरोपियों के घरों को निशाना बनाया। कई लोगों ने घरों में घुसकर तोड़फोड़ की, घरेलू सामान को नुकसान पहुंचाया और बाहर खड़े वाहनों को क्षतिग्रस्त कर दिया। इस दौरान कई मोटरसाइकिलों, ट्रैक्टरों और अन्य सामान में आग लगा दी गई।

हिंसा के कारण पूरे इलाके में अफरा-तफरी का माहौल बन गया। आगजनी की घटनाओं से ग्रामीणों में दहशत फैल गई और कई परिवारों को अपने घर छोड़कर सुरक्षित स्थानों पर जाना पड़ा। प्रशासन को हालात नियंत्रित करने के लिए अतिरिक्त पुलिस बल तैनात करना पड़ा।

पुलिस की अपील का नहीं हुआ असर

पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों ने मौके पर पहुंचकर भीड़ को शांत करने की कई बार कोशिश की। अधिकारियों ने लोगों से कानून हाथ में न लेने और शांति बनाए रखने की अपील की, लेकिन भीड़ लगातार उग्र होती गई।

स्थिति तब और गंभीर हो गई जब कुछ लोगों ने पुलिस बल पर ही पथराव शुरू कर दिया। पथराव में कई पुलिसकर्मियों को चोटें आईं। बताया जा रहा है कि इस दौरान देहरादून के एसपी सिटी के साथ भी कुछ लोगों ने अभद्र व्यवहार किया। घटना की पूरी वीडियोग्राफी पुलिस द्वारा कराई गई है, जिसके आधार पर उपद्रवियों की पहचान की जा रही है।

यमुनोत्री मार्ग भी रहा प्रभावित

हिंसा और विरोध प्रदर्शन के दौरान देहरादून-यमुनोत्री मार्ग पर भी असर पड़ा। उग्र भीड़ ने सड़क पर जमावड़ा लगाकर आवागमन बाधित कर दिया, जिससे यात्रियों और स्थानीय लोगों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ा। पुलिस ने काफी मशक्कत के बाद मार्ग को सुचारू कराया।

प्रशासन का कहना है कि सड़क जाम करने और यातायात बाधित करने वालों के खिलाफ भी कानूनी कार्रवाई की जाएगी। अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि किसी भी व्यक्ति को कानून व्यवस्था बिगाड़ने की अनुमति नहीं दी जाएगी।

बुलडोजर कार्रवाई के बाद भी नहीं शांत हुई भीड़

सूत्रों के अनुसार, प्रशासन ने हत्या के आरोपियों के घरों पर बुलडोजर कार्रवाई भी की। अधिकारियों को उम्मीद थी कि इसके बाद लोगों का आक्रोश शांत होगा, लेकिन इसके विपरीत भीड़ और अधिक उग्र हो गई। पुलिस की ओर से बार-बार शांति बनाए रखने की अपील की गई, लेकिन कुछ लोगों ने पथराव शुरू कर दिया।

हालात को नियंत्रण में लाने के लिए पुलिस को बल प्रयोग करना पड़ा। इसके बाद धीरे-धीरे भीड़ को तितर-बितर किया गया और क्षेत्र में अतिरिक्त सुरक्षा व्यवस्था लागू की गई। वर्तमान में गांव और आसपास के इलाकों में पुलिस बल तैनात है तथा स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है।

150 अज्ञात लोगों के खिलाफ दर्ज हुआ मुकदमा

सिटी एसपी प्रमोद कुमार ने बताया कि घटना के दौरान की गई वीडियोग्राफी और अन्य उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर लगभग 150 अज्ञात लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया है। इन लोगों पर बलवा, सरकारी कार्य में बाधा पहुंचाने, लोक सेवकों पर हमला करने, आगजनी, सार्वजनिक और निजी संपत्ति को नुकसान पहुंचाने सहित कई गंभीर धाराओं में केस दर्ज किया गया है।

पुलिस अब वीडियो फुटेज, सीसीटीवी रिकॉर्डिंग और अन्य तकनीकी साक्ष्यों की मदद से आरोपियों की पहचान कर रही है। जिन लोगों की पहचान हो चुकी है, उनकी गिरफ्तारी के लिए टीमों का गठन किया गया है।

क्षेत्र में सुरक्षा बढ़ाई गई

घटना के बाद बैरागीवाला गांव और आसपास के संवेदनशील इलाकों में पुलिस बल की तैनाती बढ़ा दी गई है। प्रशासन लगातार लोगों से शांति बनाए रखने की अपील कर रहा है। अधिकारियों का कहना है कि हत्या के आरोपियों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई पहले से जारी है और किसी भी व्यक्ति को कानून अपने हाथ में लेने की अनुमति नहीं दी जाएगी।

पुलिस ने चेतावनी दी है कि हिंसा, आगजनी और सरकारी संपत्ति को नुकसान पहुंचाने में शामिल किसी भी व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा। जांच पूरी होने के बाद सभी दोषियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

बैरागीवाला में विनोद कश्यप हत्याकांड के बाद उपजे तनाव ने पूरे क्षेत्र को झकझोर दिया है। एक ओर हत्या की घटना से लोगों में आक्रोश है, तो दूसरी ओर हिंसा और आगजनी की घटनाओं ने कानून-व्यवस्था को बड़ी चुनौती दी है। अब सभी की नजर पुलिस जांच और प्रशासन की आगामी कार्रवाई पर टिकी हुई है, जिससे क्षेत्र में स्थायी शांति और सामान्य स्थिति बहाल की जा सके।

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