मंगलौर में SIR को लेकर सियासत तेज, फर्जी आपत्तियां दर्ज कराने का कांग्रेस ने लगाया आरोप

Aadesh Live Admin
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विधायक काजी निजामुद्दीन समेत कांग्रेस प्रतिनिधिमंडल ने एसपी देहात से की मुलाकात, जांच के बाद कार्रवाई का आश्वासन

रुड़की। हरिद्वार जिले की मंगलौर विधानसभा क्षेत्र में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) को लेकर राजनीतिक विवाद बढ़ता जा रहा है। कांग्रेस विधायक काजी निजामुद्दीन के नेतृत्व में कांग्रेस प्रतिनिधिमंडल ने एसपी देहात शेखर चंद्र सुयाल से मुलाकात कर SIR प्रक्रिया के दौरान कथित तौर पर फर्जी तरीके से आपत्तियां दर्ज किए जाने की शिकायत की।

प्रतिनिधिमंडल में मंगलौर नगर पालिका अध्यक्ष मोहिउद्दीन अंसारी, रुड़की महानगर कांग्रेस अध्यक्ष राजेंद्र चौधरी सहित कांग्रेस कार्यकर्ता शामिल रहे। प्रतिनिधिमंडल ने आरोप लगाया कि कुछ लोगों के नाम पर मतदाता सूची को लेकर फॉर्म-7 के माध्यम से आपत्तियां दर्ज कराई जा रही हैं, जबकि संबंधित लोगों को इसकी जानकारी तक नहीं है।

फॉर्म-7 के कथित दुरुपयोग का आरोप

कांग्रेस विधायक काजी निजामुद्दीन ने आरोप लगाया कि SIR के दौरान कई मामलों में गलत तरीके से फॉर्म-7 जमा किए जा रहे हैं। उनका दावा है कि जिन मतदाताओं के नाम पर आपत्तियां लगाई गई हैं, उनमें से कुछ लोगों ने ऐसी कोई आपत्ति दर्ज नहीं कराई है।

उन्होंने कहा कि यदि किसी व्यक्ति की जानकारी या सहमति के बिना उसके नाम पर आपत्ति दर्ज की गई है तो यह गंभीर मामला है। कांग्रेस ने पूरे प्रकरण की निष्पक्ष जांच कर जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है।

शिकायतकर्ता ने भी पुलिस को दी तहरीर

इस मामले में जावेद नाम के शिकायतकर्ता ने एसपी देहात को लिखित शिकायत देकर कथित फर्जी आपत्तियों की जांच कराने और दोषियों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की मांग की है। शिकायत में पूरे मामले की जांच कर वास्तविक तथ्यों को सामने लाने का अनुरोध किया गया है।

एसपी देहात शेखर चंद्र सुयाल ने बताया कि विधायक काजी निजामुद्दीन, कांग्रेस कार्यकर्ताओं और शिकायतकर्ता जावेद ने मुलाकात कर शिकायत पत्र दिया है। मामले का संज्ञान लेते हुए संबंधित पुलिस अधिकारी को निष्पक्ष जांच के निर्देश दिए गए हैं। उन्होंने कहा कि जांच में जो तथ्य सामने आएंगे, उनके आधार पर नियमानुसार आगे की कार्रवाई की जाएगी।

निष्पक्षता और पारदर्शिता की मांग

विधायक काजी निजामुद्दीन ने कहा कि मतदाता सूची के पुनरीक्षण की प्रक्रिया पूरी निष्पक्षता और पारदर्शिता के साथ होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि किसी भी पात्र मतदाता का नाम गलत तरीके से सूची से हटना नहीं चाहिए और न ही किसी व्यक्ति के नाम पर उसकी जानकारी के बिना आपत्ति दर्ज की जानी चाहिए।

उन्होंने चुनाव प्रक्रिया में किसी भी तरह के राजनीतिक दबाव से बचने और शिकायतों की निष्पक्ष जांच सुनिश्चित करने की मांग की।

हरिद्वार में पहले भी उठा था मुद्दा

SIR को लेकर हरिद्वार में कांग्रेस की ओर से पहले भी आपत्ति जताई जा चुकी है। कांग्रेस नेता और कार्यकर्ता जिला कलेक्ट्रेट पहुंचे थे और फॉर्म-7 के कथित दुरुपयोग का आरोप लगाते हुए पात्र मतदाताओं के नाम मतदाता सूची से हटाने की आशंका जताई थी।

कांग्रेस नेताओं ने आरोप लगाया था कि राजनीतिक लाभ के लिए मतदाताओं के नाम हटाने की कोशिश की जा रही है और इस मामले में भाजपा के कुछ नेताओं की भूमिका होने का भी आरोप लगाया था। हालांकि, इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है।

फिलहाल मंगलौर में SIR को लेकर लगाए गए आरोपों की पुलिस जांच शुरू हो गई है। अब जांच में यह स्पष्ट होगा कि शिकायतों में लगाए गए आरोपों में कितनी सच्चाई है और क्या वास्तव में नियमों के विरुद्ध फर्जी आपत्तियां दर्ज की गई हैं।

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