रामझूला पुल की मरम्मत तेज, 60 फीसदी काम पूरा; जनवरी 2027 तक खोलने का लक्ष्य

Aadesh Live Admin
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10 करोड़ की लागत से चल रहा पुनर्निर्माण कार्य, गंगा के ऊपर काम कर रहे मजदूरों की सुरक्षा पर भी उठे सवाल

ऋषिकेश। मुनिकीरेती और स्वर्गाश्रम को जोड़ने वाले ऐतिहासिक रामझूला पुल की मरम्मत और सुरक्षात्मक कार्य तेजी से चल रहे हैं। करीब 10 करोड़ रुपये की लागत से किए जा रहे काम का लगभग 60 प्रतिशत हिस्सा पूरा होने का दावा किया गया है। लोक निर्माण विभाग की निगरानी में पुल के पुराने डेक को हटाकर नया डेक लगाने का काम जारी है।

वर्ष 1985 में निर्मित यह पुल करीब 220 मीटर लंबा और तीन मीटर चौड़ा है। मरम्मत के तहत पुराने डेक को छोटे-छोटे हिस्सों में काटकर हटाया जा रहा है और उसकी जगह नया डेक लगाया जा रहा है। इसके अलावा पुल के खंभों को मजबूत करने और बाढ़ से सुरक्षा के लिए जरूरी कार्य भी किए जा चुके हैं।

कुंभ से पहले पुल चालू करने का लक्ष्य

पीडब्ल्यूडी के अधिशासी अभियंता प्रवीण कर्णवाल के अनुसार, आगामी कुंभ मेले के दौरान श्रद्धालुओं की संभावित भीड़ को देखते हुए निर्माण एजेंसी को जनवरी 2027 तक मरम्मत कार्य पूरा कर पुल को आवागमन के लिए खोलने का लक्ष्य दिया गया है।

विभाग का कहना है कि तय समयसीमा के भीतर काम पूरा करने के लिए निर्माण कार्य तेजी से कराया जा रहा है।

25 जुलाई से बंद है रामझूला

गौरतलब है कि 25 जुलाई को रामझूला पुल को पर्यटकों और स्थानीय लोगों की आवाजाही के लिए बंद कर दिया गया था। पुल बंद होने के बाद लोगों को आवागमन के लिए वैकल्पिक मार्गों का सहारा लेना पड़ रहा है। इससे स्थानीय निवासियों के साथ पर्यटकों को भी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।

मजदूरों की सुरक्षा को लेकर सवाल

मरम्मत कार्य के बीच पुल पर काम कर रहे मजदूरों की सुरक्षा को लेकर भी सवाल उठ रहे हैं। आरोप है कि गंगा के तेज बहाव के ऊपर पुराने डेक को हटाने जैसे जोखिमपूर्ण कार्य में जुटे कुछ मजदूर बिना हेलमेट और पर्याप्त सुरक्षा उपकरणों के नजर आए।

ऐसे में सवाल उठ रहा है कि नदी के ऊपर बेहद जोखिम भरे माहौल में काम कर रहे श्रमिकों के लिए निर्धारित सुरक्षा मानकों का कितना पालन किया जा रहा है। स्थानीय स्तर पर इस संबंध में शिकायतें सामने आने के बाद जिम्मेदार विभाग की भूमिका पर भी सवाल उठाए जा रहे हैं।

विभाग बोला—सुरक्षा का रखा जा रहा ध्यान

वहीं, अधिकारियों का कहना है कि कार्यस्थल पर श्रमिकों की सुरक्षा के लिए आवश्यक इंतजाम किए गए हैं और उनकी सुरक्षा पर लगातार निगरानी रखी जा रही है।

अब लोगों की नजर इस बात पर है कि मरम्मत कार्य तय समयसीमा के भीतर पूरा होकर रामझूला पुल जनवरी 2027 से पहले या उसके आसपास दोबारा आवागमन के लिए कब खुलता है।

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