देहरादून में दर्दनाक हादसा: 11 हजार वोल्ट की लाइन से छू गया बिजली का खंभा, एक कर्मचारी की मौत, चार गंभीर रूप से झुलसे

Aadesh Live Admin
6 Min Read

देहरादून। उत्तराखंड की राजधानी देहरादून में बिजली विभाग से जुड़े कार्य के दौरान एक बेहद दर्दनाक हादसा सामने आया है। पटेल नगर कोतवाली क्षेत्र के अंतर्गत ओम सिटी के पास बिजली का खंभा लगाने के दौरान पांच कर्मचारी 11 हजार वोल्ट की हाईटेंशन लाइन की चपेट में आ गए। इस हादसे में एक कर्मचारी की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि चार अन्य गंभीर रूप से झुलस गए। घायलों का इलाज एक निजी अस्पताल में चल रहा है। घटना के बाद इलाके में हड़कंप मच गया और प्रशासनिक अधिकारियों ने मामले की जांच शुरू कर दी है।

जानकारी के अनुसार यह दुर्घटना आरडीएसएस (Revamped Distribution Sector Scheme) योजना के तहत चल रहे बिजली संबंधी कार्य के दौरान हुई। एक निजी कंपनी के अधीन ठेकेदार के माध्यम से कार्यरत कर्मचारी बिजली का खंभा स्थापित कर रहे थे। इसी दौरान खंभा पास से गुजर रही 11 हजार वोल्ट की हाईटेंशन बिजली लाइन से संपर्क में आ गया, जिससे पूरे खंभे में करंट दौड़ गया और वहां मौजूद कर्मचारी उसकी चपेट में आ गए।

काम के दौरान हुआ बड़ा हादसा

प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार रविवार को ओम सिटी के पास बिजली के बुनियादी ढांचे को मजबूत करने के लिए खंभा लगाने का कार्य चल रहा था। कर्मचारी सामान्य तरीके से काम कर रहे थे, लेकिन खंभा खड़ा करते समय उसका ऊपरी हिस्सा नजदीक से गुजर रही हाईटेंशन लाइन को छू गया। लाइन से संपर्क होते ही खंभे में तेज करंट प्रवाहित हो गया।

घटना इतनी अचानक हुई कि कर्मचारियों को संभलने का मौका तक नहीं मिला। तेज करंट की वजह से पांचों कर्मचारी गंभीर रूप से झुलस गए। आसपास मौजूद लोगों ने तुरंत बचाव कार्य शुरू किया और पुलिस तथा एंबुलेंस को सूचना दी। सभी घायलों को तत्काल अस्पताल पहुंचाया गया।

एक कर्मचारी की मौके पर मौत

हादसे में अमरोहा (उत्तर प्रदेश) निवासी उमेश कुमार की मौके पर ही मौत हो गई। बताया जा रहा है कि करंट का झटका इतना तेज था कि उनकी घटनास्थल पर ही जान चली गई। वहीं पप्पू, जसमान समेत चार अन्य कर्मचारी गंभीर रूप से घायल हो गए। डॉक्टरों की निगरानी में उनका इलाज जारी है।

अस्पताल सूत्रों के अनुसार कुछ घायलों की हालत गंभीर बनी हुई है और उन्हें विशेष चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराई जा रही है। चिकित्सकों की टीम लगातार उनकी स्थिति पर नजर बनाए हुए है।

सभी कर्मचारी अमरोहा के निवासी

पुलिस और प्रशासन से मिली जानकारी के अनुसार हादसे का शिकार हुए सभी कर्मचारी उत्तर प्रदेश के अमरोहा जिले के रहने वाले हैं। वे ठेकेदार के माध्यम से निजी कंपनी के लिए कार्य कर रहे थे और आरडीएसएस योजना के अंतर्गत बिजली के खंभे लगाने का काम कर रहे थे।

मृतक उमेश कुमार के शव का पोस्टमार्टम कराए जाने के बाद उसे परिजनों को सौंप दिया गया। हादसे की सूचना मिलते ही मृतक और घायलों के परिवारों में शोक और चिंता का माहौल है।

पुलिस ने शुरू की जांच

पटेल नगर कोतवाली प्रभारी विनोद गुसाईं ने बताया कि अस्पताल से सूचना मिलने के बाद पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है। प्रारंभिक जांच में यह सामने आया है कि बिजली का खंभा 11 हजार वोल्ट की लाइन के संपर्क में आने से यह दुर्घटना हुई।

उन्होंने कहा कि पुलिस यह पता लगाने का प्रयास कर रही है कि कार्य के दौरान सभी सुरक्षा मानकों का पालन किया गया था या नहीं। साथ ही यह भी जांच की जा रही है कि संबंधित कंपनी और ठेकेदार द्वारा कर्मचारियों की सुरक्षा के लिए पर्याप्त इंतजाम किए गए थे या नहीं।

सुरक्षा व्यवस्था पर उठे सवाल

इस घटना के बाद कार्यस्थल पर सुरक्षा उपायों को लेकर कई सवाल खड़े हो गए हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि हाईटेंशन लाइनों के पास किसी भी प्रकार का कार्य करते समय विशेष सावधानी और सुरक्षा उपकरणों का उपयोग अनिवार्य होता है। यदि सुरक्षा मानकों का पूरी तरह पालन किया जाता, तो संभवतः इस हादसे को टाला जा सकता था।

स्थानीय लोगों का भी कहना है कि बिजली से जुड़े कार्यों में कर्मचारियों को पर्याप्त सुरक्षा प्रशिक्षण और उपकरण उपलब्ध कराए जाने चाहिए ताकि भविष्य में ऐसी दुखद घटनाएं न हों।

मुकदमा दर्ज नहीं

पुलिस के अनुसार अभी तक किसी भी पक्ष की ओर से इस मामले में कोई मुकदमा दर्ज नहीं कराया गया है। हालांकि जांच जारी है और यदि लापरवाही के तथ्य सामने आते हैं तो संबंधित लोगों के खिलाफ कार्रवाई की जा सकती है।

शोक की लहर

इस दर्दनाक हादसे ने मृतक के परिवार को गहरे सदमे में डाल दिया है। वहीं घायल कर्मचारियों के परिजन उनके जल्द स्वस्थ होने की प्रार्थना कर रहे हैं। देहरादून में हुई इस घटना ने एक बार फिर यह याद दिलाया है कि बिजली संबंधी कार्यों में सुरक्षा नियमों की अनदेखी कितनी घातक साबित हो सकती है। प्रशासन और संबंधित विभागों से उम्मीद की जा रही है कि जांच के बाद जिम्मेदार लोगों के खिलाफ उचित कार्रवाई की जाएगी तथा भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए ठोस कदम उठाए जाएंगे।

Share This Article
Leave a Comment

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *